ज़ायोनी शासन के सहयोगियों सहित विश्व के कई देशों ने तेल अवीव द्वारा अवैध अधिकृत पूर्वी बैतुल मुक़द्दस और पश्चिमी तट में 3000 और रिहाइशी इकाइयां बनाने की योजना की निंदा की है।ग़ौरतलब है कि 30 नवम्बर को ज़ायोनी शासन ने विवादित इ-1 क्षेत्र सहित अवैध अधिकृत पूर्वी बैतुल मुक़द्दस और पश्चिमी तट में 3000 और रिहाइशी इकाइयां बनाने की योजना को हरी झंडी दी।इ-1 जोजना का उद्देश्य पश्चिमी तट के माले अदुमिन में बसाई गई अवैध बस्तियों को पूर्वी बैतुल मुक़द्दस से जोड़ना है कि जिनके बीच लगभग 6 किलो मीटर का फ़ासला है।स्वीडन के विदेश मंत्री कार्ल बिड्ट ने सोमवार को कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में फिलीस्तीनियों की जीत से खिन्न होकर इस्राइल ने इस योजना की घोषणा की है।29 नवम्बर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीन को ग़ैर-सदस्य पर्यवेक्षक राष्ट्र का दर्जा मिलने के एक दिन बाद ज़ायोनी शासन ने इस योजना की घोषणा की थी। उधर फ्रांस और ब्रिटेन ने पेरिस और लंदन में इस्राईली राजदूतों को तलब करके अवैध अधिकृत फिलिस्तीन में अवैध ज़ायोनी बस्तियां के निर्माण की योजना पर आपत्ति की है।..........166
2 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 369468
ज़ायोनी शासन के सहयोगियों सहित विश्व के कई देशों ने तेल अवीव द्वारा अवैध अधिकृत पूर्वी बैतुल मुक़द्दस और पश्चिमी तट में 3000 और रिहाइशी इकाइयां बनाने की योजना की निंदा की है......